Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.64.19: क्षत्रिय लोग बहुत-सी दक्षिणा लेकर बड़े-बड़े यज्ञ करते थे। ब्राह्मण लोग सम्पूर्ण वेदों का, उसके भागों सहित तथा उपनिषदों का अध्ययन करते थे॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.64: ब्राह्मणोंद्वारा क्षत्रियवंशकी उत्पत्ति और वृद्धि तथा उस समयके धार्मिक राज्यका वर्णन; असुरोंका जन्म और उनके भारसे पीड़ित पृथ्वीका ब्रह्माजीकी शरणमें जाना तथा ब्रह्माजीका देवताओंको अपने अंशसे पृथ्वीपर जन्म लेनेका आदेश । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ईजिरे च महायज्ञै: क्षत्रिया बहुदक्षिणै:।
साङ्गोपनिषदान् वेदान् विप्राश्चाधीयते तदा॥ १९॥
अनुवाद
क्षत्रिय लोग बहुत-सी दक्षिणा लेकर बड़े-बड़े यज्ञ करते थे। ब्राह्मण लोग सम्पूर्ण वेदों का, उसके भागों सहित तथा उपनिषदों का अध्ययन करते थे॥19॥
The Kshatriyas used to perform large Yajnas with lots of Dakshina. The Brahmins used to study the entire Vedas including its parts and Upanishads.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥