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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  1.63.75 
सत्यवत्युवाच
विद्धि मां भगवन् कन्यां सदा पितृवशानुगाम्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
सत्यवती बोली - हे प्रभु! आप तो जानते ही होंगे कि मैं एक कुंवारी कन्या हूँ जो सदैव अपने पिता के अधीन रहती हूँ।
 
Satyavati said - O Lord! You must know that I am a virgin daughter who always remains under the control of my father. 75.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)