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mahabharat 1.63.74-75h: जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र अंधकार से ढक गया। ऋषि द्वारा कोहरे का निर्माण देखकर तपस्वी कन्या आश्चर्यचकित एवं लज्जित हुई।   |   mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 74-75h
 
 
श्लोक  1.63.74-75h 
येन देश: स सर्वस्तु तमोभूत इवाभवत् ।
दृष्ट्वा सृष्टं तु नीहारं ततस्तं परमर्षिणा॥ ७४॥
विस्मिता साभवत् कन्या व्रीडिता च तपस्विनी।
 
 
अनुवाद
जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र अंधकार से ढक गया। ऋषि द्वारा कोहरे का निर्माण देखकर तपस्वी कन्या आश्चर्यचकित एवं लज्जित हुई।
 
Due to which the entire area was covered in darkness. Seeing the creation of fog by the sage, the ascetic girl was surprised and ashamed. 74 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)