Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.7: यद्यपि मैं स्वर्ग में रहता हूँ और तुम पृथ्वी पर रहते हो; तथापि आज से तुम मेरे प्रिय मित्र हो। नरेश्वर! तुम इस पृथ्वी पर सबसे सुन्दर और रमणीय देश में निवास करो॥7॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि मैं स्वर्ग में रहता हूँ और तुम पृथ्वी पर रहते हो; तथापि आज से तुम मेरे प्रिय मित्र हो। नरेश्वर! तुम इस पृथ्वी पर सबसे सुन्दर और रमणीय देश में निवास करो॥7॥
Although I live in heaven and you live on earth; However, from today you have become my dear friend. Nareshwar! You should reside in the most beautiful and delightful country on this earth. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥