श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  1.63.48 
अधस्तात् तस्य छायायां सुखासीनो नराधिप:।
मधुगन्धैश्च संयुक्तं पुष्पगन्धमनोहरम्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
राजा उस वृक्ष की छाया में आराम से बैठ गया। वह वृक्ष रस और सुगंध से भरपूर था। फूलों की सुगंध ने उसका मन मोह लिया। 48.
 
The king sat comfortably under the shade of that tree. That tree was full of nectar and fragrance. The fragrance of the flowers captivated his mind. 48.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)