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mahabharat 1.63.16: हे मनुष्यों के स्वामी! यह माला इन्द्रमाला के नाम से प्रसिद्ध होगी और इस संसार में आपकी पहचान कराने वाली परम धन्य एवं अद्वितीय निशानी होगी॥16॥   |   mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.63.16 
लक्षणं चैतदेवेह भविता ते नराधिप।
इन्द्रमालेति विख्यातं धन्यमप्रतिमं महत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! यह माला इन्द्रमाला के नाम से प्रसिद्ध होगी और इस संसार में आपकी पहचान कराने वाली परम धन्य एवं अद्वितीय निशानी होगी॥16॥
 
O Lord of men! This garland will become famous as Indramala and will be a most blessed and unique symbol to identify you in this world. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)