Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.15: मैं तुम्हें यह वैजयन्ती माला देता हूँ, जिसमें जड़े हुए कमल कभी नहीं मुरझाते। इसे धारण करने पर यह माला युद्ध में शस्त्रों के प्रहार से तुम्हारी रक्षा करेगी। ॥15॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ददामि ते वैजयन्तीं मालामम्लानपंकजाम्।
धारयिष्यति संग्रामे या त्वां शस्त्रैरविक्षतम्॥ १५॥
अनुवाद
मैं तुम्हें यह वैजयन्ती माला देता हूँ, जिसमें जड़े हुए कमल कभी नहीं मुरझाते। इसे धारण करने पर यह माला युद्ध में शस्त्रों के प्रहार से तुम्हारी रक्षा करेगी। ॥15॥
I give you this Vaijayanti garland, in which the lotuses strung never wither. When you wear it, this garland will protect you from the blows of weapons in battle. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥