Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.13: मैंने तुम्हें स्फटिक से निर्मित एक विशाल, दिव्य और आकाश में उड़ने वाला विमान दिया है, जो देवताओं के उपयोग के योग्य है। यह सदैव आकाश में तुम्हारी सेवा के लिए उपस्थित रहेगा॥13॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने तुम्हें स्फटिक से निर्मित एक विशाल, दिव्य और आकाश में उड़ने वाला विमान दिया है, जो देवताओं के उपयोग के योग्य है। यह सदैव आकाश में तुम्हारी सेवा के लिए उपस्थित रहेगा॥13॥
I have gifted you a huge, divine and sky-flying aircraft made of crystals, which is fit for use by the gods. It will always be present in the sky to serve you.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥