Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.126-127: कौरवों के उस महायुद्ध में राजाओं के कई लाख योद्धा लड़ने आए थे। दस हजार वर्षों तक गिनने पर भी उन असंख्य योद्धाओं के नाम पूरी तरह नहीं बताए जा सकते। यहाँ कुछ मुख्य राजाओं के नाम बताए गए हैं, जिनके चरित्रों से इस महाभारत कथा का विस्तार हुआ है।॥126-127॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कौरवों के उस महायुद्ध में राजाओं के कई लाख योद्धा लड़ने आए थे। दस हजार वर्षों तक गिनने पर भी उन असंख्य योद्धाओं के नाम पूरी तरह नहीं बताए जा सकते। यहाँ कुछ मुख्य राजाओं के नाम बताए गए हैं, जिनके चरित्रों से इस महाभारत कथा का विस्तार हुआ है।॥126-127॥
Many lakhs of warriors of the kings had come to fight in that great war of the Kauravas. Even if we count for ten thousand years, the names of those innumerable warriors cannot be told completely. Here the names of some main kings have been mentioned, whose characters have expanded this Mahabharata story.॥126-127॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि अंशावतरणपर्वणि व्यासाद्युत्पत्तौ त्रिषष्टितमोऽध्याय:॥ ६३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत अंशावतरणपर्वमें व्यास आदिकी उत्पत्तिसे सम्बन्ध रखनेवाला तिरसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६३॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४ १/२ श्लोक मिलाकर कुल १३१ १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥