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mahabharat 1.63.122: द्रौपदी के गर्भ से पाण्डवों के पाँच पुत्र हुए, जो अत्यन्त सुन्दर और सम्पूर्ण शास्त्रों में पारंगत थे ॥122॥   |   mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  1.63.122 
पाण्डवेभ्यो हि पाञ्चाल्यां द्रौपद्यां पञ्च जज्ञिरे।
कुमारा रूपसम्पन्ना: सर्वशास्त्रविशारदा:॥ १२२॥
 
 
अनुवाद
द्रौपदी के गर्भ से पाण्डवों के पाँच पुत्र हुए, जो अत्यन्त सुन्दर और सम्पूर्ण शास्त्रों में पारंगत थे ॥122॥
 
The Pandavas had five sons from Draupadi's womb, who were very handsome and well versed in all the scriptures. ॥122॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)