श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा  »  श्लोक 119-120
 
 
श्लोक  1.63.119-120 
ततो दु:शासनश्चैव दु:सहश्चापि भारत।
दुर्मर्षणो विकर्णश्च चित्रसेनो विविंशति:॥ ११९॥
जय: सत्यव्रतश्चैव पुरुमित्रश्च भारत।
वैश्यापुत्रो युयुत्सुश्च एकादश महारथा:॥ १२०॥
 
 
अनुवाद
भरतवंशी जनमेजय! धृतराष्ट्र के पुत्रों में दुर्योधन, दुःशासन, दुःसह, दुर्मर्षण, विकर्ण, चित्रसेन, विविंशति, जय, सत्यव्रत, पुरुमित्र और वैश्य पुत्र युयुत्सु ये ग्यारह महान योद्धा थे। 119-120॥
 
Bharatvanshi Janamejaya! Among the sons of Dhritarashtra, Duryodhana, Dushasan, Dushasah, Durmarshan, Vikarna, Chitrasen, Vivimshati, Jai, Satyavrat, Purumitra and Vaishya's son Yuyutsu were eleven great warriors. 119-120॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)