Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.111-112: प्रह्राद का शिष्य नागजित राजा सुबल के रूप में प्रकट हुआ । देवताओं के क्रोध के कारण उसकी संतान (शकुनि) धर्म का नाश करने वाली हुई । गांधारराज सुबल का पुत्र शकुनि और सौबल नाम से प्रसिद्ध हुआ और उसकी पुत्री गांधारी दुर्योधन की माता हुई । ये दोनों भाई-बहन अर्थशास्त्र के ज्ञान में निपुण थे । 111-112॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रह्राद का शिष्य नागजित राजा सुबल के रूप में प्रकट हुआ । देवताओं के क्रोध के कारण उसकी संतान (शकुनि) धर्म का नाश करने वाली हुई । गांधारराज सुबल का पुत्र शकुनि और सौबल नाम से प्रसिद्ध हुआ और उसकी पुत्री गांधारी दुर्योधन की माता हुई । ये दोनों भाई-बहन अर्थशास्त्र के ज्ञान में निपुण थे । 111-112॥
Prahrad's disciple Nagajit appeared in the form of King Subala. Due to the anger of the gods, his progeny (Shakuni) became the destroyer of religion. Gandhar king Subal's son became famous by the names Shakuni and Saubal and his daughter Gandhari was the mother of Duryodhana. Both these brothers and sisters were adept in the knowledge of economics. 111-112॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥