Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.110: उसी यज्ञ की वेदी से शुभ और तेजस्वी द्रौपदी उत्पन्न हुई, जो परम सुन्दर रूप धारण करने वाली और सुन्दर शरीर वाली अत्यन्त शोभायमान थी ॥110॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसी यज्ञ की वेदी से शुभ और तेजस्वी द्रौपदी उत्पन्न हुई, जो परम सुन्दर रूप धारण करने वाली और सुन्दर शरीर वाली अत्यन्त शोभायमान थी ॥110॥
From the altar of the same Yagya, the auspicious and radiant Draupadi was born, who assumed the most beautiful form and was very graceful with her beautiful body. 110॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥