Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.108-109: तदनन्तर द्रोणाचार्य से महाबली अश्वत्थामा का जन्म हुआ। इसी प्रकार यज्ञ के अनुष्ठान में धृष्टद्युम्न प्रज्वलित अग्नि से प्रकट हुए, जो अग्निदेव के समान तेजस्वी थे। महाबली धृष्टद्युम्न द्रोणाचार्य का नाश करने के लिए धनुष लेकर प्रकट हुए थे। 108-109॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर द्रोणाचार्य से महाबली अश्वत्थामा का जन्म हुआ। इसी प्रकार यज्ञ के अनुष्ठान में धृष्टद्युम्न प्रज्वलित अग्नि से प्रकट हुए, जो अग्निदेव के समान तेजस्वी थे। महाबली धृष्टद्युम्न द्रोणाचार्य का नाश करने के लिए धनुष लेकर प्रकट हुए थे। 108-109॥
Subsequently, the mighty Ashwatthama was born from Dronacharya. Similarly, during the ritual of Yajna, Dhrishtadyumna emerged from the burning fire, who was as bright as the fire god himself. The mighty hero Dhrishtadyumna had appeared with a bow to destroy Dronacharya. 108-109॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥