Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.107: एक बार गौतम वंश के शरद्वान का वीर्य सरकंडों के समूह पर गिरकर दो भागों में बँट गया। उससे एक पुत्री और एक पुत्र उत्पन्न हुए। पुत्री का नाम कृपी था, जो अश्वत्थामा की माता बनी। पुत्र महाबली कृप के नाम से प्रसिद्ध हुआ। | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक बार गौतम वंश के शरद्वान का वीर्य सरकंडों के समूह पर गिरकर दो भागों में बँट गया। उससे एक पुत्री और एक पुत्र उत्पन्न हुए। पुत्री का नाम कृपी था, जो अश्वत्थामा की माता बनी। पुत्र महाबली कृप के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
Once, the semen of Sharadwan of Gautam lineage fell on a group of reeds and got divided into two parts. From that, a daughter and a son were born. The name of the daughter was Kripi, who became the mother of Ashwatthama. The son became famous by the name of Mahabali Kripa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥