Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.63.100: वह परमेश्वर आदि और अन्त से रहित, ज्योतिर्मय, सृष्टिकर्ता और सम्पूर्ण जगत का स्वामी है। उसे अव्यक्त अक्षर (अविनाशी) ब्रह्म और त्रिगुणमय प्रधान कहा जाता है। 100॥ | mahabharat अध्याय 1.63: राजा उपरिचरका चरित्र तथा सत्यवती, व्यासादि प्रमुख पात्रोंकी संक्षिप्त जन्मकथा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह परमेश्वर आदि और अन्त से रहित, ज्योतिर्मय, सृष्टिकर्ता और सम्पूर्ण जगत का स्वामी है। उसे अव्यक्त अक्षर (अविनाशी) ब्रह्म और त्रिगुणमय प्रधान कहा जाता है। 100॥
That God is without beginning and end, luminous, creator and Lord of the entire universe. He is called the unmanifested Akshar (imperishable) Brahma and the Trigunamaya Pradhan. 100॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥