यथा समुद्रो भगवान् यथा मेरुर्महागिरि:।
उभौ ख्यातौ रत्ननिधी तथा भारतमुच्यते॥ ४८॥
अनुवाद
जैसे भव्य समुद्र और महाबली मेरु पर्वत दोनों ही रत्नों की खान कहे गए हैं, वैसे ही महाभारत भी रत्नमय कथाओं और उपदेशों का भण्डार कहा गया है ॥ 48॥
Just as the magnificent ocean and the mighty mountain Meru are both said to be mines of gems, similarly the Mahabharata is said to be a treasure trove of gem-like stories and teachings. ॥ 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥