श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 62:  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.62.13 
महर्षे: सर्वलोकेषु पूजितस्य महात्मन:।
प्रवक्ष्यामि मतं कृत्स्नं व्यासस्यामिततेजस:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
मैं यहाँ सर्वत्र पूज्य अमित तेजस्वी महर्षि व्यासजी का सम्पूर्ण मत वर्णन करूँगा ॥13॥
 
I will describe here the entire opinion of the universally revered Amit Tejaswi Maharishi Vyasji. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)