श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 62:  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.62.10 
कथं च बहुला: सेना: पाण्डव: कृष्णसारथि:।
अस्यन्नेकोऽनयत् सर्वा: पितृलोकं धनंजय:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण के सारथी पाण्डवपुत्र अर्जुन ने अकेले ही किस प्रकार बहुत बड़ी संख्या वाली सारी सेना पर बाणों की वर्षा करके उसे यमलोक भेज दिया?॥10॥
 
How did Pandava's son Arjun, whose charioteer was Lord Krishna, single-handedly send the entire army, which was very large in number, to Yamaloka by showering arrows on them? ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)