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mahabharat 1.61.37-38: महारथी भीमसेन ने पूर्व दिशा को जीत लिया। वीर अर्जुन ने उत्तर दिशा को जीत लिया, नकुल ने पश्चिम दिशा को जीत लिया और शत्रुवीरों का संहार करने वाले सहदेव ने दक्षिण दिशा को जीत लिया ॥37-38॥   |   mahabharat अध्याय 1.61: कौरव-पाण्डवोंमें फूट और युद्ध होनेके वृत्तान्तका सूत्ररूपमें निर्देश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 61: कौरव-पाण्डवोंमें फूट और युद्ध होनेके वृत्तान्तका सूत्ररूपमें निर्देश  »  श्लोक 37-38
 
 
श्लोक  1.61.37-38 
अजयद् भीमसेनस्तु दिशं प्राचीं महायशा:॥ ३७॥
उदीचीमर्जुनो वीर: प्रतीचीं नकुलस्तथा।
दक्षिणां सहदेवस्तु विजिग्ये परवीरहा॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
महारथी भीमसेन ने पूर्व दिशा को जीत लिया। वीर अर्जुन ने उत्तर दिशा को जीत लिया, नकुल ने पश्चिम दिशा को जीत लिया और शत्रुवीरों का संहार करने वाले सहदेव ने दक्षिण दिशा को जीत लिया ॥37-38॥
 
The great warrior Bhimasena conquered the east. Brave Arjuna conquered the north, Nakula conquered the west and Sahadev, the destroyer of enemy heroes, conquered the south. 37-38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)