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mahabharat 1.61.20-23: धृतराष्ट्र की आज्ञा से, शत्रुओं का दमन करने वाले कुंतीपुत्र महाबली पांडव वारणावत नगरी में आकर अपनी माता के साथ लाक्षागृह में रहने लगे। पुरोचन द्वारा रक्षित होकर वे वहाँ एक वर्ष तक रहे और सदैव सतर्क रहे। तत्पश्चात, विदुर की प्रेरणा से (विदुर द्वारा भेजे गए लोगों द्वारा) पांडवों ने एक सुरंग खोदी। तत्पश्चात, शत्रुसंहारक पांडवों ने लाक्षागृह में आग लगाकर पुरोचन को भस्म कर दिया और भय से व्याकुल होकर अपनी माता सहित सुरंग के रास्ते वहाँ से भाग निकले।   |   mahabharat अध्याय 1.61: कौरव-पाण्डवोंमें फूट और युद्ध होनेके वृत्तान्तका सूत्ररूपमें निर्देश   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 61: कौरव-पाण्डवोंमें फूट और युद्ध होनेके वृत्तान्तका सूत्ररूपमें निर्देश  »  श्लोक 20-23
 
 
श्लोक  1.61.20-23 
तत: सम्प्राप्य कौन्तेया नगरं वारणावतम्॥ २०॥
न्यवसन्त महात्मानो मात्रा सह परंतपा:।
धृतराष्ट्रेण चाज्ञप्ता उषिता जातुषे गृहे॥ २१॥
पुरोचनाद् रक्षमाणा: संवत्सरमतन्द्रिता:।
सुरुङ्गां कारयित्वा तु विदुरेण प्रचोदिता:॥ २२॥
आदीप्य जातुषं वेश्म दग्ध्वा चैव पुरोचनम्।
प्राद्रवन् भयसंविग्ना मात्रा सह परंतपा:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र की आज्ञा से, शत्रुओं का दमन करने वाले कुंतीपुत्र महाबली पांडव वारणावत नगरी में आकर अपनी माता के साथ लाक्षागृह में रहने लगे। पुरोचन द्वारा रक्षित होकर वे वहाँ एक वर्ष तक रहे और सदैव सतर्क रहे। तत्पश्चात, विदुर की प्रेरणा से (विदुर द्वारा भेजे गए लोगों द्वारा) पांडवों ने एक सुरंग खोदी। तत्पश्चात, शत्रुसंहारक पांडवों ने लाक्षागृह में आग लगाकर पुरोचन को भस्म कर दिया और भय से व्याकुल होकर अपनी माता सहित सुरंग के रास्ते वहाँ से भाग निकले।
 
On the orders of Dhritarashtra, the great Pandavas, sons of Kunti, who were suppressors of their enemies, came to the city of Varanavat and started living with their mother in the lacquering house. Protected by Purochana, they stayed there for a year, always being vigilant. Then, on the inspiration of Vidura (by the men sent by Vidura), the Pandavas dug a tunnel. Thereafter, the enemy-slayer Pandavas set fire to the lacquering house, burnt Purochana and fled from there through the tunnel along with their mother, distraught with fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)