Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.60.22: व्यासजी बोले, 'वैशम्पायन! पूर्वकाल में कौरवों और पाण्डवों के बीच जो कलह हुई थी, उसके विषय में तुमने मुझसे जो कुछ सुना है, उसे अब राजा जनमेजय को सुनाओ।' | mahabharat अध्याय 1.60: जनमेजयके यज्ञमें व्यासजीका आगमन, सत्कार तथा राजाकी प्रार्थनासे व्यासजीका वैशम्पायनजीसे महाभारत-कथा सुनानेके लिये कहना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यास उवाच
कुरूणां पाण्डवानां च यथा भेदोऽभवत् पुरा।
तदस्मै सर्वमाचक्ष्व यन्मत्त: श्रुतवानसि॥ २२॥
अनुवाद
व्यासजी बोले, 'वैशम्पायन! पूर्वकाल में कौरवों और पाण्डवों के बीच जो कलह हुई थी, उसके विषय में तुमने मुझसे जो कुछ सुना है, उसे अब राजा जनमेजय को सुनाओ।'
Vyasa said, 'Vaishmpayana! Whatever you have heard from me about the rift that had broken out between the Kauravas and the Pandavas in the past, narrate it to King Janamejaya now.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥