श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 60: जनमेजयके यज्ञमें व्यासजीका आगमन, सत्कार तथा राजाकी प्रार्थनासे व्यासजीका वैशम्पायनजीसे महाभारत-कथा सुनानेके लिये कहना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.60.19 
कथं समभवद् भेदस्तेषामक्लिष्टकर्मणाम्।
तच्च युद्धं कथं वृत्तं भूतान्तकरणं महत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वे तो सदाचारी थे, राग-द्वेष आदि विकारों से रहित थे, फिर उनमें भेद-भाव कैसे उत्पन्न हुआ? और उनका समस्त प्राणियों का नाश करने वाला महायुद्ध कैसे हुआ?॥19॥
 
They were virtuous people, free from vices like love and hatred, how did discrimination arise in them? And how did their great war, which destroyed all living beings, take place?॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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