श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 60: जनमेजयके यज्ञमें व्यासजीका आगमन, सत्कार तथा राजाकी प्रार्थनासे व्यासजीका वैशम्पायनजीसे महाभारत-कथा सुनानेके लिये कहना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.60.16 
भगवानपि तं दृष्ट्वा कुशलं प्रतिवेद्य च।
सदस्यै: पूजित: सर्वै: सदस्यान् प्रत्यपूजयत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
भगवान व्यास ने भी जनमेजय की ओर देखकर उसका कुशल-क्षेम पूछा और सभा के अन्य सदस्यों द्वारा सम्मानित होकर उन्होंने भी उसका सत्कार किया॥16॥
 
Lord Vyasa too looked at Janamejaya and informed him about his well-being. Being honoured by the other members of the assembly, he too honoured him.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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