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mahabharat 1.60.12: जब देवताओं के ऋषियों द्वारा पूजित वरदाता व्यास वहाँ बैठे, तब राजा जनमेजय ने शास्त्रानुसार उनकी पूजा की ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.60: जनमेजयके यज्ञमें व्यासजीका आगमन, सत्कार तथा राजाकी प्रार्थनासे व्यासजीका वैशम्पायनजीसे महाभारत-कथा सुनानेके लिये कहना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 60: जनमेजयके यज्ञमें व्यासजीका आगमन, सत्कार तथा राजाकी प्रार्थनासे व्यासजीका वैशम्पायनजीसे महाभारत-कथा सुनानेके लिये कहना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.60.12 
तत्रोपविष्टं वरदं देवर्षिगणपूजितम्।
पूजयामास राजेन्द्र: शास्त्रदृष्टेन कर्मणा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जब देवताओं के ऋषियों द्वारा पूजित वरदाता व्यास वहाँ बैठे, तब राजा जनमेजय ने शास्त्रानुसार उनकी पूजा की ॥12॥
 
When the boon-giving Vyasa, worshipped by the sages of the gods, sat there, King Janamejaya worshipped him according to the scriptures. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)