Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.6.14: उग्रश्रवाजी कहते हैं - पुलोमा के ये वचन सुनकर अत्यन्त क्रोधी भृगु ऋषि और भी क्रोधित हो गए और उन्होंने अग्निदेव को शाप दे दिया - 'तुम सर्वभक्षी हो जाओगे'॥14॥ | mahabharat अध्याय 1.6: महर्षि च्यवनका जन्म, उनके तेजसे पुलोमा राक्षसका भस्म होना तथा भृगुका अग्निदेवको शाप देना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उग्रश्रवाजी कहते हैं - पुलोमा के ये वचन सुनकर अत्यन्त क्रोधी भृगु ऋषि और भी क्रोधित हो गए और उन्होंने अग्निदेव को शाप दे दिया - 'तुम सर्वभक्षी हो जाओगे'॥14॥
Ugrasravaji says - On hearing these words of Puloma, the extremely wrathful sage Bhrigu became more furious. He cursed Agnidev - 'You will become an omnivorous being'.॥ 14॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि पौलोमपर्वणि अग्निशापे षष्ठोऽध्याय:॥ ६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत पौलोमपर्वमें अग्निशापविषयक छठा अध्याय पूरा हुआ॥ ६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥