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mahabharat 1.6.10: भृगु बोले - कल्याणी ! उस राक्षस को तुम्हारा परिचय किसने दिया जो तुम्हारा हरण करने आया था ? वह राक्षस यह नहीं जानता था कि तुम मेरी पत्नी पुलोमा हो, जो मनोहर मुस्कान वाली हो ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 1.6: महर्षि च्यवनका जन्म, उनके तेजसे पुलोमा राक्षसका भस्म होना तथा भृगुका अग्निदेवको शाप देना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 6: महर्षि च्यवनका जन्म, उनके तेजसे पुलोमा राक्षसका भस्म होना तथा भृगुका अग्निदेवको शाप देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.6.10 
भृगुरुवाच
केनासि रक्षसे तस्मै कथिता त्वं जिहीर्षते।
न हि त्वां वेद तद् रक्षो मद्भार्यां चारुहासिनीम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भृगु बोले - कल्याणी ! उस राक्षस को तुम्हारा परिचय किसने दिया जो तुम्हारा हरण करने आया था ? वह राक्षस यह नहीं जानता था कि तुम मेरी पत्नी पुलोमा हो, जो मनोहर मुस्कान वाली हो ॥10॥
 
Bhrigu said - Kalyani! Who gave your introduction to that demon who had come to abduct you? That demon did not know that you, my wife Puloma with a charming smile.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)