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mahabharat 1.56.8-9: यह सुनकर यज्ञ में दीक्षा लेने वाले यजमान राजा जनमेजय क्रोधित हो उठे और अनुष्ठान के दौरान इंद्र और तक्षक नाग को आकर्षित करने के लिए होता को उत्तेजित करने लगे। तब होता ने एकाग्र होकर मंत्रों द्वारा इंद्र और तक्षक का आह्वान किया। तब देवराज इंद्र स्वयं अपने विमान पर बैठकर आकाश में विचरण करने लगे। उस समय सभी देवता उन्हें चारों ओर से घेरकर उस महाबली इंद्र की स्तुति कर रहे थे। अप्सराएँ, मेघ और विद्याधर भी उनके पीछे-पीछे चल रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 1.56: राजाका आस्तीकको वर देनेके लिये तैयार होना, तक्षक नागकी व्याकुलता तथा आस्तीकका वर माँगना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 56: राजाका आस्तीकको वर देनेके लिये तैयार होना, तक्षक नागकी व्याकुलता तथा आस्तीकका वर माँगना  »  श्लोक 8-9
 
 
श्लोक  1.56.8-9 
एतच्छ्रुत्वा दीक्षितस्तप्यमान
आस्ते होतारं चोदयन् कर्मकाले।
होता च यत्तोऽस्याजुहावाथ मन्त्रै-
रथो महेन्द्र: स्वयमाजगाम॥ ८॥
विमानमारुह्य महानुभाव:
सर्वैर्देवै: परिसंस्तूयमान:।
बलाहकैश्चाप्यनुगम्यमानो
विद्याधरैरप्सरसां गणैश्च॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर यज्ञ में दीक्षा लेने वाले यजमान राजा जनमेजय क्रोधित हो उठे और अनुष्ठान के दौरान इंद्र और तक्षक नाग को आकर्षित करने के लिए होता को उत्तेजित करने लगे। तब होता ने एकाग्र होकर मंत्रों द्वारा इंद्र और तक्षक का आह्वान किया। तब देवराज इंद्र स्वयं अपने विमान पर बैठकर आकाश में विचरण करने लगे। उस समय सभी देवता उन्हें चारों ओर से घेरकर उस महाबली इंद्र की स्तुति कर रहे थे। अप्सराएँ, मेघ और विद्याधर भी उनके पीछे-पीछे चल रहे थे।
 
On hearing this, King Janamejaya, the Yajaman who had taken initiation in the Yagya, became angry and started inciting Hota to attract Indra and Takshaka snake during the ritual. Then Hota, concentrating, invoked Indra and Takshaka through mantras. Then the king of gods Indra himself sat on his plane and started moving through the sky. At that time all the gods were surrounding him from all sides and praising that great Indra. Apsaras, clouds and Vidyadhars were also following him. 8-9.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)