Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.56.15: इन्द्र के चले जाने पर नागराज तक्षक भय से मोहित होकर मन्त्रबल से खिंचा हुआ अग्नि की ज्वाला के समीप आने लगा॥15॥   |   mahabharat अध्याय 1.56: राजाका आस्तीकको वर देनेके लिये तैयार होना, तक्षक नागकी व्याकुलता तथा आस्तीकका वर माँगना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 56: राजाका आस्तीकको वर देनेके लिये तैयार होना, तक्षक नागकी व्याकुलता तथा आस्तीकका वर माँगना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.56.15 
इन्द्रे गते तु नागेन्द्रस्तक्षको भयमोहित:।
मन्त्रशक्त्या पावकार्चि: समीपमवशो गत:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र के चले जाने पर नागराज तक्षक भय से मोहित होकर मन्त्रबल से खिंचा हुआ अग्नि की ज्वाला के समीप आने लगा॥15॥
 
After Indra left, Nagraj Takshak got fascinated with fear and started coming closer to the flame of fire, pulled by the power of mantra. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)