Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.56.12: उग्रश्रवाजी कहते हैं - राजा जनमेजय द्वारा तक्षक की इस प्रकार बलि देने की प्रेरणा पाकर उन्होंने इन्द्र के निकटस्थ तक्षक नाग का अग्नि में आवाहन किया - उसके नाम से आहुति दी॥12॥ | mahabharat अध्याय 1.56: राजाका आस्तीकको वर देनेके लिये तैयार होना, तक्षक नागकी व्याकुलता तथा आस्तीकका वर माँगना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उग्रश्रवाजी कहते हैं - राजा जनमेजय द्वारा तक्षक की इस प्रकार बलि देने की प्रेरणा पाकर उन्होंने इन्द्र के निकटस्थ तक्षक नाग का अग्नि में आवाहन किया - उसके नाम से आहुति दी॥12॥
Ugrashravaji says - Being inspired by King Janamejaya to sacrifice Takshak in this way, he invoked Takshak Naga, who was close to Indra, in the fire - made an offering in his name. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥