Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.55.4: भरतवंशियों में श्रेष्ठ जनमेजय! जिस प्रकार महाराज गायक का यज्ञ, राजा शशबिन्दुक का यज्ञ तथा राजाधिराज कुबेर का यज्ञ उत्तम अनुष्ठानों से सम्पन्न हुआ था, उसी प्रकार आपका यह यज्ञ भी सम्पन्न हुआ। हमारे प्रियजनों का कल्याण हो। 4॥ | mahabharat अध्याय 1.55: आस्तीकके द्वारा यजमान, यज्ञ, ऋत्विज्, सदस्यगण और अग्निदेवकी स्तुति-प्रशंसा । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतवंशियों में श्रेष्ठ जनमेजय! जिस प्रकार महाराज गायक का यज्ञ, राजा शशबिन्दुक का यज्ञ तथा राजाधिराज कुबेर का यज्ञ उत्तम अनुष्ठानों से सम्पन्न हुआ था, उसी प्रकार आपका यह यज्ञ भी सम्पन्न हुआ। हमारे प्रियजनों का कल्याण हो। 4॥
Janamejaya, the foremost among the Bharatvanshis! Just as Maharaja Gayaka's Yagya, King Shashbinduka's Yagya and Rajadhiraj Kuber's Yagya were performed with the best rituals, similarly this Yagya of yours was performed. May our loved ones be well. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥