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mahabharat 1.54.8: जब कद्रू ने इस प्रकार शाप दिया, तब जगत् के पिता भगवान ब्रह्मा ने ‘एवमस्तु’ कहकर उसके वचन का अनुमोदन किया॥8॥   |   mahabharat अध्याय 1.54: माताकी आज्ञासे मामाको सान्त्वना देकर आस्तीकका सर्पयज्ञमें जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 54: माताकी आज्ञासे मामाको सान्त्वना देकर आस्तीकका सर्पयज्ञमें जाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.54.8 
तां च शप्तवतीं देव: साक्षाल्लोकपितामह:।
एवमस्त्विति तद्वाक्यं प्रोवाचानुमुमोद च॥ ८॥
 
 
अनुवाद
जब कद्रू ने इस प्रकार शाप दिया, तब जगत् के पिता भगवान ब्रह्मा ने ‘एवमस्तु’ कहकर उसके वचन का अनुमोदन किया॥8॥
 
When Kadru cursed in this way, Lord Brahma, the father of the world, approved his word by saying 'Evamastu'. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)