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mahabharat 1.54.3: आस्तिक ने पूछा - माँ! चाचा ने पिताजी से आपका विवाह किस कारण से किया? मुझे ठीक-ठीक बताओ। उसे सुनकर मैं उसे प्राप्त करने का प्रयत्न करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 1.54: माताकी आज्ञासे मामाको सान्त्वना देकर आस्तीकका सर्पयज्ञमें जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 54: माताकी आज्ञासे मामाको सान्त्वना देकर आस्तीकका सर्पयज्ञमें जाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  1.54.3 
आस्तीक उवाच
किं निमित्तं मम पितुर्दत्ता त्वं मातुलेन मे।
तन्ममाचक्ष्व तत्त्वेन श्रुत्वा कर्तास्मि तत् तथा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
आस्तिक ने पूछा - माँ! चाचा ने पिताजी से आपका विवाह किस कारण से किया? मुझे ठीक-ठीक बताओ। उसे सुनकर मैं उसे प्राप्त करने का प्रयत्न करूँगा।
 
Aastik asked - Mother! For what reason did uncle marry you to father? Tell me exactly. After listening to it, I will make efforts to achieve it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)