Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.53.3: पिताश्री! कृपया मुझे ये सब बातें विस्तारपूर्वक बताइये। सारथिपुत्र! यह भी बताइये कि वहाँ कौन-कौन से महामुनि उपस्थित थे, जो सर्प को मारने की विधि जानने वाले विद्वानों में श्रेष्ठ माने जाते थे। | mahabharat अध्याय 1.53: सर्पयज्ञके ऋत्विजोंकी नामावली, सर्पोंका भयंकर विनाश, तक्षकका इन्द्रकी शरणमें जाना तथा वासुकिका अपनी बहिनसे आस्तीकको यज्ञमें भेजनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वं विस्तरशस्तात भवाञ्छंसितुमर्हति।
सर्पसत्रविधानज्ञविज्ञेया: के च सूतज॥ ३॥
अनुवाद
पिताश्री! कृपया मुझे ये सब बातें विस्तारपूर्वक बताइये। सारथिपुत्र! यह भी बताइये कि वहाँ कौन-कौन से महामुनि उपस्थित थे, जो सर्प को मारने की विधि जानने वाले विद्वानों में श्रेष्ठ माने जाते थे।
Father! Please tell me all these things in detail. Son of a charioteer! Also tell me which great sages were present there who were considered to be the best among the scholars who knew the method of killing a snake.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥