Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.5.34: यह वही बात है, यह मैं जानता हूँ। मैं इस विषय में झूठ नहीं बोल सकता। हे दानवश्रेष्ठ! इस संसार में असत्य की पूजा नहीं होती। 34. | mahabharat अध्याय 1.5: भृगुके आश्रमपर पुलोमा दानवका आगमन और उसकी अग्निदेवके साथ बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सेयमित्यवगच्छामि नानृतं वक्तुमुत्सहे।
नानृतं हि सदा लोके पूज्यते दानवोत्तम॥ ३४॥
अनुवाद
यह वही बात है, यह मैं जानता हूँ। मैं इस विषय में झूठ नहीं बोल सकता। हे दानवश्रेष्ठ! इस संसार में असत्य की पूजा नहीं होती। 34.
This is the same, I know this. I cannot lie on this matter. O best of demons! Falsehood is never worshipped in this world. 34.
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि पौलोमपर्वणि पुलोमाग्निसंवादे पञ्चमोऽध्याय:॥ ५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत पौलोमपर्वमें पुलोमा-अग्निसंवादविषयक पाँचवाँ
अध्याय पूरा हुआ॥ ५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥