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mahabharat 1.49.7: महाराज! आपके पिता बड़े ही धर्मात्मा, महात्मा और प्रजापालक थे। इस महान राजा ने इस संसार में किस प्रकार की आचार-संहिता का पालन किया, सुनिए।   |   mahabharat अध्याय 1.49: राजा परीक्षित् के धर्ममय आचार तथा उत्तम गुणोंका वर्णन, राजाका शिकारके लिये जाना और उनके द्वारा शमीक मुनिका तिरस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.49.7 
धर्मात्मा च महात्मा च प्रजापाल: पिता तव।
आसीदिह यथावृत्त: स महात्मा शृणुष्व तत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! आपके पिता बड़े ही धर्मात्मा, महात्मा और प्रजापालक थे। इस महान राजा ने इस संसार में किस प्रकार की आचार-संहिता का पालन किया, सुनिए।
 
Maharaj! Your father was a very pious person, a great soul and a protector of his subjects. Listen to the code of conduct that this great king followed in this world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)