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mahabharat 1.49.6: मंत्रियों ने कहा - हे राजन! आप जो पूछ रहे हैं, उसे सुनिए। हम आपके महान पिता राजराजेश्वर परीक्षित के चरित्र और उनकी मृत्यु के ढंग के बारे में आपको बता रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 1.49: राजा परीक्षित् के धर्ममय आचार तथा उत्तम गुणोंका वर्णन, राजाका शिकारके लिये जाना और उनके द्वारा शमीक मुनिका तिरस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.49.6 
मन्त्रिण ऊचु:
शृणु पार्थिव यद् ब्रूषे पितुस्तव महात्मन:।
चरितं पार्थिवेन्द्रस्य यथा निष्ठां गतश्च स:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मंत्रियों ने कहा - हे राजन! आप जो पूछ रहे हैं, उसे सुनिए। हम आपके महान पिता राजराजेश्वर परीक्षित के चरित्र और उनकी मृत्यु के ढंग के बारे में आपको बता रहे हैं।
 
The ministers said - O King! Listen to what you are asking. We are telling you about the character of your great father Rajarajeshwar Parikshit and the manner in which he died.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)