Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.49.26-27: प्रौढ़ावस्था, साठ वर्ष और वृद्धावस्था के संयोग से वे अत्यंत थके हुए थे। उस विशाल वन में उन्हें भूख सताने लगी। ऐसी अवस्था में राजा को वहाँ महर्षि शमीक दिखाई दिए। राजेन्द्र परीक्षित ने उनसे मृग का पता पूछा; किन्तु वे ऋषि उस समय मौन व्रत धारण किए हुए थे। उनके पूछने पर भी महर्षि शमीक ने उस समय कुछ नहीं कहा। 26-27   |   mahabharat अध्याय 1.49: राजा परीक्षित् के धर्ममय आचार तथा उत्तम गुणोंका वर्णन, राजाका शिकारके लिये जाना और उनके द्वारा शमीक मुनिका तिरस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 49: राजा परीक्षित् के धर्ममय आचार तथा उत्तम गुणोंका वर्णन, राजाका शिकारके लिये जाना और उनके द्वारा शमीक मुनिका तिरस्कार  »  श्लोक 26-27
 
 
श्लोक  1.49.26-27 
परिश्रान्तो वय:स्थश्च षष्टिवर्षो जरान्वित:।
क्षुधित: स महारण्ये ददर्श मुनिसत्तमम्॥ २६॥
स तं पप्रच्छ राजेन्द्रो मुनिं मौनव्रते स्थितम्।
न च किंचिदुवाचैनं पृष्टोऽपि स मुनिस्तदा॥ २७॥
 
 
अनुवाद
प्रौढ़ावस्था, साठ वर्ष और वृद्धावस्था के संयोग से वे अत्यंत थके हुए थे। उस विशाल वन में उन्हें भूख सताने लगी। ऐसी अवस्था में राजा को वहाँ महर्षि शमीक दिखाई दिए। राजेन्द्र परीक्षित ने उनसे मृग का पता पूछा; किन्तु वे ऋषि उस समय मौन व्रत धारण किए हुए थे। उनके पूछने पर भी महर्षि शमीक ने उस समय कुछ नहीं कहा। 26-27
 
Due to the combination of mature age, sixty years and old age, he was very tired. Hunger started tormenting him in that huge forest. In this condition, the king saw the great sage Shamik there. Rajendra Parikshit asked him about the whereabouts of the deer; but that sage was busy observing a vow of silence at that time. Even after his questioning, Maharishi Shamik did not say anything at that time. 26-27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)