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mahabharat 1.49.22-24: मंत्री ने कहा- राजन! आपके पिता भूपाल परीक्षित, समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ, महाबाहु पाण्डु के समान सदैव हिंसक पशुओं का संहार करने में तत्पर रहते थे और युद्ध में उन्हीं के समान समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ सिद्ध हुए। एक दिन वे समस्त राज-काज का भार हम पर छोड़कर आखेट के लिए वन में चले गए। वहाँ उन्होंने एक पंखयुक्त बाँस से एक भयंकर पशु को छेद डाला। बिन्धकर तुरन्त ही उनके पीछे-पीछे घने वन में चला गया। 22-24॥   |   mahabharat अध्याय 1.49: राजा परीक्षित् के धर्ममय आचार तथा उत्तम गुणोंका वर्णन, राजाका शिकारके लिये जाना और उनके द्वारा शमीक मुनिका तिरस्कार   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 49: राजा परीक्षित् के धर्ममय आचार तथा उत्तम गुणोंका वर्णन, राजाका शिकारके लिये जाना और उनके द्वारा शमीक मुनिका तिरस्कार  »  श्लोक 22-24
 
 
श्लोक  1.49.22-24 
मन्त्रिण ऊचु:
स राजा पृथिवीपाल: सर्वशस्त्रभृतां वर:।
बभूव मृगयाशीलस्तव राजन् पिता सदा॥ २२॥
यथा पाण्डुर्महाबाहुर्धनुर्धरवरो युधि।
अस्मास्वासज्य सर्वाणि राजकार्याण्यशेषत:॥ २३॥
स कदाचिद् वनगतो मृगं विव्याध पत्रिणा।
विद्‍ध्वा चान्वसरत् तूर्णं तं मृगं गहने वने॥ २४॥
 
 
अनुवाद
मंत्री ने कहा- राजन! आपके पिता भूपाल परीक्षित, समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ, महाबाहु पाण्डु के समान सदैव हिंसक पशुओं का संहार करने में तत्पर रहते थे और युद्ध में उन्हीं के समान समस्त धनुर्धरों में श्रेष्ठ सिद्ध हुए। एक दिन वे समस्त राज-काज का भार हम पर छोड़कर आखेट के लिए वन में चले गए। वहाँ उन्होंने एक पंखयुक्त बाँस से एक भयंकर पशु को छेद डाला। बिन्धकर तुरन्त ही उनके पीछे-पीछे घने वन में चला गया। 22-24॥
 
The minister said- Rajan! Your father Bhupal Parikshit, the best among all the weapon-wielding warriors, always had the nature of killing violent animals like the great-armed Pandu and in the war, like him, he proved to be the best among all the brave archers. One day, he left the burden of all the royal duties on us and went to the forest for hunting. There he pierced a ferocious animal with a winged bamboo. Bindhkar immediately followed him into the deep forest. 22-24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)