Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.48.11-13: राजा! मुझे तो याद नहीं कि उन्होंने कभी मजाक में भी झूठ बोला हो। फिर इस संकट के समय में वे झूठ क्यों बोलेंगे? भैया! मेरे पति तपस्वी हैं। जाते समय उन्होंने मुझसे कहा- 'नाग कन्या! अपने कार्य की सफलता की चिन्ता मत करो। तुम्हारे गर्भ से अग्नि और सूर्य के समान तेजस्वी पुत्र उत्पन्न होगा।' ऐसा कहकर वे तपस्यारूपी वन में चले गए। अतः हे भैया! तुम्हारे हृदय का महान शोक दूर हो जाए। | mahabharat अध्याय 1.48: वासुकि नागकी चिन्ता, बहिनद्वारा उसका निवारण तथा आस्तीकका जन्म एवं विद्याध्ययन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वैरेष्वपि न तेनाहं स्मरामि वितथं वच:।
उक्तपूर्वं कुतो राजन् साम्पराये स वक्ष्यति॥ ११॥
न संतापस्त्वया कार्य: कार्यं प्रति भुजङ्गमे।
उत्पत्स्यति च ते पुत्रो ज्वलनार्कसमप्रभ:॥ १२॥
इत्युक्त्वा स हि मां भ्रातर्गतो भर्ता तपोधन:।
तस्माद् व्येतु परं दु:खं तवेदं मनसि स्थितम्॥ १३॥
अनुवाद
राजा! मुझे तो याद नहीं कि उन्होंने कभी मजाक में भी झूठ बोला हो। फिर इस संकट के समय में वे झूठ क्यों बोलेंगे? भैया! मेरे पति तपस्वी हैं। जाते समय उन्होंने मुझसे कहा- 'नाग कन्या! अपने कार्य की सफलता की चिन्ता मत करो। तुम्हारे गर्भ से अग्नि और सूर्य के समान तेजस्वी पुत्र उत्पन्न होगा।' ऐसा कहकर वे तपस्यारूपी वन में चले गए। अतः हे भैया! तुम्हारे हृदय का महान शोक दूर हो जाए।
King! I don't remember him ever telling a lie even in jest. Then why would he lie in this time of crisis? Brother! My husband is a man of penance. While leaving he said to me- 'Nag Kanye! Do not worry about the success of your task. From your womb a son as radiant as the fire and the sun will be born.' Saying this he went to the forest of penance. Therefore, brother! The great sorrow in your heart should go away.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥