Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.48.10: जरत्कारु बोले - भाई! मैंने उन महान तपस्वी महात्मा से संतान प्राप्ति के विषय में पूछा था। मेरे गर्भाधान के विषय में उन्होंने 'अस्ति' (तुम्हारे गर्भ में पुत्र है) कहकर चले गए। | mahabharat अध्याय 1.48: वासुकि नागकी चिन्ता, बहिनद्वारा उसका निवारण तथा आस्तीकका जन्म एवं विद्याध्ययन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जरत्कारुरुवाच
पृष्टो मयापत्यहेतो: स महात्मा महातपा:।
अस्तीत्युत्तरमुद्दिश्य ममेदं गतवांश्च स:॥ १०॥
अनुवाद
जरत्कारु बोले - भाई! मैंने उन महान तपस्वी महात्मा से संतान प्राप्ति के विषय में पूछा था। मेरे गर्भाधान के विषय में उन्होंने 'अस्ति' (तुम्हारे गर्भ में पुत्र है) कहकर चले गए।
Jaratkaru said - Brother! I had asked that great ascetic Mahatma about having a child. Regarding my pregnancy, he said 'Asti' (there is a son in your womb) and went away.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥