Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.46.17: 'जिन लोगों का मैंने यहाँ नाम लेकर आह्वान किया है, उनमें से जिसकी कन्या विवाह योग्य, सुयोग्य और गुणवान हो, वह अपनी कन्या मुझ ब्राह्मण को दे, जो सब दिशाओं में भ्रमण करता है। | mahabharat अध्याय 1.46: जरत्कारुका शर्तके साथ विवाहके लिये उद्यत होना और नागराज वासुकिका जरत्कारु नामकी कन्याको लेकर आना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्य कन्यास्ति भूतस्य ये मयेह प्रकीर्तिता:।
ते मे कन्यां प्रयच्छन्तु चरत: सर्वतोदिशम्॥ १७॥
अनुवाद
'जिन लोगों का मैंने यहाँ नाम लेकर आह्वान किया है, उनमें से जिसकी कन्या विवाह योग्य, सुयोग्य और गुणवान हो, वह अपनी कन्या मुझ ब्राह्मण को दे, जो सब दिशाओं में भ्रमण करता है।
'Whoever among those whom I have called by name here, has a daughter of renowned qualities, fit for marriage, should give his daughter to me, the Brahmin who travels in all directions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥