Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.45.6: 'तुम लोग कौन हो जो इस खस के गुच्छे को पकड़े हुए हो? इस खस की जड़ें यहाँ बिल में रहने वाले चूहों ने खा ली हैं, इसलिए यह बहुत कमज़ोर हो गया है।' | mahabharat अध्याय 1.45: जरत्कारुको अपने पितरोंका दर्शन और उनसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
के भवन्तोऽवलम्बन्ते वीरणस्तम्बमाश्रिता:।
दुर्बलं खादितैर्मूलैराखुना बिलवासिना॥ ६॥
अनुवाद
'तुम लोग कौन हो जो इस खस के गुच्छे को पकड़े हुए हो? इस खस की जड़ें यहाँ बिल में रहने वाले चूहों ने खा ली हैं, इसलिए यह बहुत कमज़ोर हो गया है।'
‘Who are you people who are hanging on to this bunch of Khas? The roots of this Khas have been eaten by the rats living in the burrow here, so it is very weak. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥