Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.45.19: उनका नाम जरत्कारु है। वे वेद-वेदांगों के पारंगत विद्वान होने के साथ-साथ मन और इन्द्रियों को वश में करने वाले, महात्मा, उत्तम व्रतों का पालन करने वाले और महान तपस्वी भी हैं। 19॥ | mahabharat अध्याय 1.45: जरत्कारुको अपने पितरोंका दर्शन और उनसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जरत्कारुरिति ख्यातो वेदवेदाङ्गपारग:।
नियतात्मा महात्मा च सुव्रत: सुमहातपा:॥ १९॥
अनुवाद
उनका नाम जरत्कारु है। वे वेद-वेदांगों के पारंगत विद्वान होने के साथ-साथ मन और इन्द्रियों को वश में करने वाले, महात्मा, उत्तम व्रतों का पालन करने वाले और महान तपस्वी भी हैं। 19॥
His name is Jaratkaru. Apart from being an expert scholar of the Vedas and Vedangas, he is also one who controls the mind and senses, a Mahatma, a follower of good fasting and a great ascetic. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥