Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.44.9: धर्म-विषयक बातों की भली-भाँति जाँच-पड़ताल करके काशीराज ने अपनी पुत्री वपुष्टमा का विवाह कुरुवंश के परम वीर योद्धा जनमेजय के साथ कर दिया। जनमेजय भी वपुष्टमा को पाकर अत्यन्त प्रसन्न हुए और पराई स्त्रियों की ओर कभी मन नहीं लगाया।॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.44: जनमेजयका राज्याभिषेक और विवाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: स राजा प्रददौ वपुष्टमां
कुरुप्रवीराय परीक्ष्य धर्मत:।
स चापि तां प्राप्य मुदायुतोऽभव-
न्न चान्यनारीषु मनोदधे क् वचित्॥ ९॥
अनुवाद
धर्म-विषयक बातों की भली-भाँति जाँच-पड़ताल करके काशीराज ने अपनी पुत्री वपुष्टमा का विवाह कुरुवंश के परम वीर योद्धा जनमेजय के साथ कर दिया। जनमेजय भी वपुष्टमा को पाकर अत्यन्त प्रसन्न हुए और पराई स्त्रियों की ओर कभी मन नहीं लगाया।॥9॥
After thoroughly investigating the religious matters, the King of Kashi got his daughter Vapushtama married to the bravest warrior of the Kuru clan, Janamejaya. Janamejaya too was very happy to get Vapushtama and never let his mind go towards other women.॥9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥