Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.44.5-6: राजा परीक्षित के तक्षक के विष से भस्म हो जाने के बाद, धर्मपरायण ब्राह्मण राजपुरोहित, महाराज के मंत्रियों और नगर के सभी नागरिकों ने सभी अनुष्ठान संपन्न करके उनके पुत्र, जो अभी बहुत छोटा था, को राजा बनाया। कुरुवंश का वह महान योद्धा अपने शत्रुओं का नाश करने वाला था। लोग उसे राजा जनमेजय कहते थे। 5-6. | mahabharat अध्याय 1.44: जनमेजयका राज्याभिषेक और विवाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा परीक्षित के तक्षक के विष से भस्म हो जाने के बाद, धर्मपरायण ब्राह्मण राजपुरोहित, महाराज के मंत्रियों और नगर के सभी नागरिकों ने सभी अनुष्ठान संपन्न करके उनके पुत्र, जो अभी बहुत छोटा था, को राजा बनाया। कुरुवंश का वह महान योद्धा अपने शत्रुओं का नाश करने वाला था। लोग उसे राजा जनमेजय कहते थे। 5-6.
After King Parikshit was burnt to death by Takshaka's poison, the pious Brahmin royal priest, the Maharaja's ministers and all the citizens of the city performed all the rituals and made his son, who was still very young, the king. That great warrior of the Kuru clan was going to destroy his enemies. People called him King Janamejaya. 5-6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥