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mahabharat 1.43.2: हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! अपने श्रेष्ठ मंत्र की शक्ति मुझे दिखाकर देखो। देखो, मैं तुम्हारे सामने ही इस वटवृक्ष को जलाकर भस्म कर दूँगा।   |   mahabharat अध्याय 1.43: तक्षकका धन देकर काश्यपको लौटा देना और छलसे राजा परीक्षित् के समीप पहुँचकर उन्हें डँसना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 43: तक्षकका धन देकर काश्यपको लौटा देना और छलसे राजा परीक्षित् के समीप पहुँचकर उन्हें डँसना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.43.2 
परं मन्त्रबलं यत् ते तद् दर्शय यतस्व च।
न्यग्रोधमेनं धक्ष्यामि पश्यतस्ते द्विजोत्तम॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! अपने श्रेष्ठ मंत्र की शक्ति मुझे दिखाकर देखो। देखो, मैं तुम्हारे सामने ही इस वटवृक्ष को जलाकर भस्म कर दूँगा।
 
O best Brahmin! Show me the power of the best mantra that you possess and try. Look, I will burn this Banyan tree to ashes right in front of you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)