Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.43.11: महात्मा कश्यप द्वारा पुनर्जीवित उस वृक्ष को देखकर तक्षक ने कहा - 'ब्रह्मन्! आपके समान मन्त्र जानने वाले पुरुष में ऐसा चमत्कार हो जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है॥ 11॥ | mahabharat अध्याय 1.43: तक्षकका धन देकर काश्यपको लौटा देना और छलसे राजा परीक्षित् के समीप पहुँचकर उन्हें डँसना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महात्मा कश्यप द्वारा पुनर्जीवित उस वृक्ष को देखकर तक्षक ने कहा - 'ब्रह्मन्! आपके समान मन्त्र जानने वाले पुरुष में ऐसा चमत्कार हो जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है॥ 11॥
Seeing that tree revived by Mahatma Kashyap, Takshak said - 'Brahman! It is not surprising that such a miracle has happened in a person who knows mantras like you.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥