Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.42.41: कश्यपजी ने कहा - "मैं वहाँ जाकर तुम्हारे काटे हुए राजा को विष से मुक्त कर दूँगा। यह मेरी ज्ञान-शक्ति से संपन्न बुद्धि का निश्चय है।" ॥41॥ | mahabharat अध्याय 1.42: शमीकका अपने पुत्रको समझाना और गौरमुखको राजा परीक्षित् के पास भेजना, राजाद्वारा आत्मरक्षाकी व्यवस्था तथा तक्षक नाग और काश्यपकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कश्यपजी ने कहा - "मैं वहाँ जाकर तुम्हारे काटे हुए राजा को विष से मुक्त कर दूँगा। यह मेरी ज्ञान-शक्ति से संपन्न बुद्धि का निश्चय है।" ॥41॥
Kashyap said, "I will go there and cure your bitten king of the poison. This is the determination of my intellect endowed with the power of knowledge." ॥ 41॥
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि आस्तीकपर्वणि काश्यपागमने द्विचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत आस्तीकपर्वमें काश्यपागमनविषयक बयालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥