Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.42.39: वह पाण्डवों के वंश का रक्षक और अत्यन्त पराक्रमी है। अतः हे भद्र! जब अग्नि के समान तेजस्वी सर्पराज उसे डसेगा, तब मैं उसके विष का निवारण करके उसे शीघ्र ही जीवित कर दूँगा। | mahabharat अध्याय 1.42: शमीकका अपने पुत्रको समझाना और गौरमुखको राजा परीक्षित् के पास भेजना, राजाद्वारा आत्मरक्षाकी व्यवस्था तथा तक्षक नाग और काश्यपकी बातचीत । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह पाण्डवों के वंश का रक्षक और अत्यन्त पराक्रमी है। अतः हे भद्र! जब अग्नि के समान तेजस्वी सर्पराज उसे डसेगा, तब मैं उसके विष का निवारण करके उसे शीघ्र ही जीवित कर दूँगा।
He is the protector of the lineage of the Pandavas and is extremely valiant. So, O gentle one! I am going quickly to make him alive by instantly immunizing him from the poison when he is bitten by the king of snakes who is as bright as fire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥